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Samastipur News: दलसिंहसराय में मकई के खेत से मजदूर का शव मिलने से सनसनी, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

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समस्तीपुर के दलसिंहसराय थाना क्षेत्र स्थित कमराव वार्ड-7 में मकई के खेत से 42 वर्षीय मजदूर मो. जबार का शव मिलने से हड़कंप मच गया। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

समस्तीपुर/आलम की खबर:समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय थाना क्षेत्र से रविवार सुबह एक ऐसी खबर सामने आई जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। कमराव वार्ड-7 स्थित एक मकई के खेत से 42 वर्षीय मजदूर मोहम्मद जबार का शव बरामद होने के बाद गांव में सनसनी फैल गई। सुबह-सुबह खेत में शव मिलने की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। घटना के बाद इलाके में दहशत और मातम का माहौल बन गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं मृतक के परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं।

जानकारी के अनुसार रविवार की सुबह कुछ मजदूर खेत में मकई काटने पहुंचे थे। इसी दौरान खेत के बीचोंबीच एक व्यक्ति का शव पड़ा दिखाई दिया। पहले तो मजदूर घबरा गए और फिर शोर मचाने लगे। आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। कपड़ों और पहचान के आधार पर मृतक की पहचान कमराव वार्ड-7 निवासी मोहम्मद जबार के रूप में की गई।

घटना की सूचना तुरंत दलसिंहसराय थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध माना जा रहा है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर मजदूर की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

परिजनों ने बताया कि मोहम्मद जबार मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद सामान्य थी और मजदूरी ही आय का मुख्य जरिया था। उनके परिवार में पत्नी अमीना खातून, चार बेटियां और एक बेटा हैं। घर की जिम्मेदारी पूरी तरह उन्हीं के कंधों पर थी। परिवार वालों के मुताबिक 21 मई की शाम वह घर से यह कहकर निकले थे कि उन्हें एक दवा दुकानदार से मजदूरी का बकाया पैसा लेना है। इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटे।

देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिवार वालों की चिंता बढ़ने लगी। पहले तो परिजनों ने सोचा कि शायद किसी काम में देर हो गई होगी, लेकिन जब रात बीत गई और उनका कोई पता नहीं चला तो परिवार ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां खोजबीन शुरू की। इसके बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिला। परिवार के लोग लगातार परेशान थे और अनहोनी की आशंका जता रहे थे।

रविवार सुबह जैसे ही खेत में शव मिलने की खबर गांव में फैली, परिवार वालों के पैरों तले जमीन खिसक गई। सूचना मिलते ही पत्नी अमीना खातून और अन्य परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। शव देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव की महिलाएं उन्हें संभालने की कोशिश करती रहीं, लेकिन पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

ग्रामीणों का कहना है कि मोहम्मद जबार का किसी से बड़ा विवाद नहीं था। वह शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और मजदूरी कर अपने परिवार को चलाते थे। ऐसे में अचानक खेत में शव मिलने की घटना ने लोगों को हैरान कर दिया है। कई ग्रामीण इसे संदिग्ध मामला मान रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

परिजनों ने भी हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि यदि यह सामान्य मौत होती तो शव खेत में इस हालत में नहीं मिलता। परिवार वालों ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की गंभीर जांच कर दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि मजदूरी का पैसा लेने के लिए घर से निकलने के बाद आखिर उनके साथ क्या हुआ, इसका पता लगाना बेहद जरूरी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके। साथ ही एफएसएल जांच की भी तैयारी की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो पाएगी। यदि हत्या की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मृतक के मोबाइल कॉल डिटेल, अंतिम लोकेशन और जिन लोगों से उनकी आखिरी बार बातचीत हुई थी, उनकी जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि गरीब परिवार पर यह बहुत बड़ा संकट है। मोहम्मद जबार ही परिवार के कमाने वाले सदस्य थे और अब उनके जाने के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। गांव के लोग प्रशासन से परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग भी कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की जरूरत है। ग्रामीणों ने मांग की कि पुलिस गांवों में नियमित गश्त बढ़ाए ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके। घटना के बाद गांव में लोग डरे और सहमे हुए हैं।

अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हुई है। परिवार को उम्मीद है कि जांच के जरिए सच्चाई सामने आएगी और यदि किसी ने उनके परिजन के साथ गलत किया है तो उसे सजा जरूर मिलेगी।

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